ऐसा कौन सा राज छुपा है रामसेतु में ? जिस कारण अमेरिका और मनमोहन सिंह ने इसे तोड़ने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी ??

दोस्तो आपको याद होगा 1998 मे जब भारत ने परमाणु बम्ब ब्लास्ट किया था तो अमेरिका को हमसे बहुत आग लगी !और अमेरिका ने भारत को परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम देना बंद कर दिया था, इसके अतिरिक्त अमेरिका ने भारत की कंपनियों को अमेरिका मे घुसने पर रोक लगाई !

फिर अचानक अमेरिका के दिल में इतनी दया कैसे आई ???
कि वो आज भारत को यूरेनियम देने के लिए तैयार हो गया !

दरअसल इसकी शुरुआत तब होती है, जब पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जोर्ज बुश भारत आये थे और एक सिविल न्यूक्लीयर डील पर हस्ताक्षर किये गए जिसके अनुसार अमरीका भारत को युरेनियम-235 देने की बात कही l उस समय पूरी मीडिया ने मनमोहन सिंह की तारीफों के पुल बांधे और इस डील को भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया, पर पीछे की कहानी छुपा ली गयी l

असल बात कुछ और है और वो बात बहुत गहरी है | भारत के वैज्ञानिक पिछले कई वर्षो से ये खोजने में लगे हुए है के यूरेनियम के अतिरिक्त और कौन सा हमारे पास रेडियो एक्टिव इंधन है जिससे हम परमाणु बम सके या बिजली भी बना सके |

Atomic Energy Commission के 6000 वैज्ञानिक पिछले 40 सालो से इसी काम में लगे हुए है | उनको पता चला के भारत के तमिलनाडु , केरल का जो समुद्री एरिया है उहाँ पर बहुत बड़ी मात्रा में ऐसा रेडियो एक्टिव इंधन है जिसका नाम है थ्रोमियम । ये यूरेनियम का बाप है ,आप ऐसे अनुमान लगाये मात्र 8 ग्राम  thromium से पूरी ज़िंदगी भर आपकी गाड़ी चल सकती है इससे अगले 150 साल तक बिजली बनायीं जा सकती है और दुसरे देशो से भीख मांगने की भी जरुरत नही होगी |

डॉ कालाम का कहना था के 3 लाख Mega-watt बिजली हर घंटे अगले 240 साल तक बना सकते है | और ये बात अब्दुल कलाम जी ने रिटायर होने के बाद अपने पहले interview मे कही थी !

अब अमेरिका की नज़र हमारे उस इंधन पे है और वो चाहता है भारत उस इंधन को अमेरिका को दे और बदले में अमेरिका थोडा बहुत यूरेनियम हमको दे |

इस खेल को पूरा करने के लिए अमेरिका श्री राम सेतु को तोड़ना चाहता है ! और इस काम को पूरा करने के लिए अमेरिकी एजेंट मनमोहन सिंह जो पिछले 20 साल से भारत सरकार मे बैठा है !!

सुप्रीम कोर्ट मे भी Case चल रहा था  ! अभी date पर date पर रही था ! वहाँ केंद्र सरकार कॉंग्रेस और मनमोहन सिंह तर्क देते थे  कि ये सेतु श्री राम नहीं बनाया ! श्री राम तो एक कल्पना है ! श्री राम तो कभी हुए ही नहीं !!

जबकि कुछ साल पहले अमरीकी अन्तरिक्ष एजेंसी NASA ने ही रामसेतु की पुष्टि अपनी रिपोर्ट में की है l ! आज भी आपको वहाँ ऐसे पत्थर मिल जाएँगे ! जिस पर राम लिखा है और वो पानी मे तैरते है !!

और अगर आपको ऊपर लिखी (श्री राम सेतु) को तोड़ने की बाते कोई मज़ाक लग रही है !!

तो एक बार यहाँ जरूर जरूर click करे !

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अमर शहीद Rajiv Dixit जी की जय !

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