Home / Rajiv Dixit All Post / चीन के बने तिरंगों को खरीदकर आजादी का जशन माना रहे है भारतीय लोग । पढ़ें पूरी खबर ।

चीन के बने तिरंगों को खरीदकर आजादी का जशन माना रहे है भारतीय लोग । पढ़ें पूरी खबर ।


मोदी साहब बेशक देश को ‘मेक इन इंडिया’ के सपने दिखाते रहे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दास्तां बयान कर रही है ,आजादी के 69 साल बाद देश की हालत ये है कि आज बाजार मे चीन के बने (made in china) तिरंगे झंडे बिक रहे है और इनकी मांग इतनी है की भारत का बना तिरंगा इस भीड़ मे गुम सा हो गया है ।

लेकिन ऐसा क्यों है ??

लोगो का कहना है दरअसल चीन के बने तिरंगे देश मे निर्मित तिरंगों से 30 से 35 % तक सस्ते होने के साथ टिकाऊ और बढ़िया कवालिटी के है ,

स्थानीय तिरंगा 4 x 6 फीट = 130 रु
स्थानीय तिरंगा 6 x 9 फीट = 150 रु
स्थानीय तिरंगा 8 x 12 फीट = 250 रु

चीनी तिरंगा 4 x 6 फीट = 90 रु
चीनी तिरंगा 6 x 9 फीट = 120 रु
चीनी तिरंगा 8 x 12 फीट =250 रु

dsc_0211_1471156702

 

सोचिए 20-30 रु बचाने के चक्कर मे हमने अपना स्वाभिमान इतना बेच दिया ,कि विदेशी देश चीन का बना तिरंगा खरीदकर स्वतंत्र दिवस की 69 वीं जयंती माना रहे है । देश के लोगो की मानसिक गुलामी का इससे बड़ा उदाहरण कोई और नहीं हो सकता । अंग्रेज़ो की 250 वर्ष की गुलामी से आजाद करवाने के लिए अँग्रेजी झण्डा भारत से उखाड़ने के लिए चंद्र शेखर आजाद, भक्त सिंह,वीर सावरकर,राम प्रसाद बिसमिल,जैसे 7 लाख से अधिक क्रांतिकारियों ने अपना जीवन दिया ,क्रांतिकारियों ने स्वप्न मे भी नहीं सोचा होगा कि आजादी के 70 साल बाद आने वाली पीढ़ी किसी बाहरी देश का बना तिरंगा सस्ते मे खरीदकर लहराएगी और क्रांतिकारियों को समर्ण करेगी ।

kranit


हमने क्षण भर के लिए इतना भी नहीं सोचा कि भारत का निर्मित तिरंगा खादी से बनाया जाता है लाखो देश के गरीब लोग वर्ष भर मेहनत कर इन्हे तैयार करते है और 15 अगस्त-26 जनवरी की प्रतीक्षा करते है मात्र दिल्ली-दिल्ली मे 4 – 5 करोड़ तिरंगे बेचने का कारोबार है पूरे देश मे अनुमान लगा लीजिये कितना होगा । ये सारा कारोबार ही लाखो गरीब लोगो का पेट भर्ता है चीनी झंडे खरीदकर हमने ना केवाल देश पर मिटने वाले क्रांतिकारियों का अपमान किया है बल्कि इन लाखो गरीब लोगो पर थूका है इनके रोजगार का दीपक बुझाया है ।

kk

बहुत शर्म की बात आजादी के 69 साल बाद मुझे देश के लोगो को ये बात समझानी पड़ रही है कि भाई कम से कम तिरंगा तो किसी विदेशी का मत ख़रीदों अपने देश मे निर्मित तिरंगा ख़रीदों ।

साभार – ध्रुव !

 

comments

Check Also

जानिये: भारत में सबसे पहले कैसे हुई थी कागज की खोज ! Rajiv Dixit

कागज बनाना पूरी दुनिया को भारत ने सिखाया | कागज बनाना सबसे पहले भारत मे …