जैली बनाने में सावधानियाँ

जैली बनाने में सावधानियाँ क्या – क्या है उसके बारे में जाने
  1. चीनी पेक्टिन की मात्रा के अनुसार ही डालिए I थोड़ी सी भी कम या अधिक डालने से जैली नहीं जमेगी I
  2. खट्टास की मात्रा कम या अधिक हो जाने से जैली ठीक नहीं बनती I
  3. जैली को अंतिम बिन्दु आने से पहले आग से उतार लेने से या अधिक बिन्दु आने के बाद भी पकते रहने से जैली नहीं जमेगी I
  4. चीनी मिलाने के बाद उसे तेज आँच पर पकाएँ I धीमी आँच पर देर तक पकाने से पेक्टिन का ह्रास होने लगता है और जैली नहीं जमती I
  5. पेक्टिन निचोड़ते समय पोटली को दबाकर निचोड़ने से जैली धुधली हो जाती जाती है I
  6. कच्चे फलों की या अधिक पके फलों की जैली बनाने से यह धुंधली हो जाएगी I इसलिए ठीक अवस्था में पके फलों का उपयोग करना चाहिए I
  7. जैली को बोतलों में भरते समय ऊपर उठाकर न भरिए अन्यथा इसमें हवा के बुलबुले रह जाएँगे और जैली धुंधली हो जाएगी I
  8. जैली तैयार होने के बाद मैल को अवश्य हटा लें I
  9. जैली को अधिक मात्रा में एक ही बार न बनाएँ I अधिक मात्रा का कारण उसे अधिक देर तक पकाना पड़ेगा I
  10. चीनी को अधिक मात्रा में प्रयोग करने से तथा खट्टास की कमी से जैली में चीनी के दाने पड़ने लगते हैं I
  11. जैली को बोतलों में भरने के बाद उस पर तुरन्त ढक्कन न लगाएँ I ऐसा करने से भाप ढक्कन पर लगेगी और ठण्डा होने पर भाप से पानी की बूंदी बनेगी तथा जैली में चीनी की मात्रा कम हो जाएगी तथा जैली में फफूँदी लगेगी I
  12. जैली दही की भांति जम जाने पर ऊपर से गरम मोम की लगभग एक सेंटीमीटर मोटी परत अवश्य डालिए I इससे जैली सील बन्द हो जाएगी I इसके बाद ढक्कन लगा दीजिए I फिर बोतल पर केवल चिपकाकर ठण्डे तथा शुष्क भण्डार में रखना चाहिए I

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