आँवले का मुरब्बा बनाने का तरीका

आँवले का मुरब्बा का ख्याल आते ही एक लाजबाब स्वाद का ख्याल आता है I आँवले के मुरब्बे में मिठास के साथ-साथ थोड़ा खट्टेपन का अहसास इसे और सभी मुरब्बों से अलग बनता है I आँवले का मुरब्बा स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है I साधन सुविधा की पसंद की लिस्ट में आँवले का मुरब्बा सबसे अच्छा है I स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टी में भी फायदेमंद होने के कारण इसका उद्योग फायदेमंद होता है I

आँवले का मुरब्बा बनाने की सामग्री :-

  1. आँवले –     1 किलोग्राम
  2. चीनी –     5 किलोग्राम
  3. साइट्रिक एसिड –     3 ग्राम

आँवले का मुरब्बा बनाने में उपरोक्त समान के आलावा भी अपने स्वाद के अनुसार सामान मिला सकते हैं I आप सभी को मै बार-बार ये बताने की कोशीश करता हूँ, कि मुरब्बा की गुणवत्ता का श्रेय आप के उपयोग में लाये गए सामानों पर ज्यादा होता है, इसलिए आप कृपया अपने सामान को हमेसा जाँच परख कर इस्तेमाल करें I

आँवले का मुरब्बा बनाने की विधि :-

  1. बड़े आकर के आँवले लेकर इन्हें दो दिन तक सादे पानी में पड़े रहने दें I
  2. अब इन्हें स्टील के काँटों से गुठली तक छेदकर दें (गोदें) I
  3. आँवले के कसैलेपन को दूर करने के लिए 3 – 4 प्रतिशत नमक या चुना के पानी में डालकर 12 घंटे छोड़ दें I इसके बाद इन्हें साफ पानी से दो – तीन बार अच्छी तरह धो लेना चाहिए ताकि नमक का अंश बिलकुल न रहे I
  4. आँवलो को उबलते पानी के उपचार के लिए आमतौर पर दो प्रतिशत फिटकरी तथा 5 प्रतिशत सोडियम सल्फाइड का घोल बनाकर उबाल लेते हैं I इस उबले हुए घोल में आँवले को 5 – 7 मिनट पकाना चाहिए I
  5. उबलते पानी के उपचार के तुरंत बाद एक भगोने में पहले चीनी की एक तह बिछाइए और उसके एक तह आँवलों की लगा दीजिए I फिर ऊपर से चीनी की तह लगा दीजिए I इस तरह इन्हें चीनी के तहों के बिच 24 घंटे छोड़ दीजिए I
  6. दुसरे दिन अधिकांश चीनी पिघल जाएगी I अब आँवला को चीनी के घोल से निकालकर चासनी को उबाल दीजिए तथा साइट्रिक एसिड मिलाकर चासनी का मैल निकाल लीजिए और इसे कपड़े से छानकर आँवलों को गरम – गरम चासनी में घंटे छोड़ दीजिए I
  7. तीसरे दिन आँवलों को निकालकर चासनी को इतना पकाइए कि एक तार की चासनी बनने लगे या इसमें चीनी की मात्रा 70 – 72 प्रतिशत हो जाय I फिर आँवलों को गरम चासनी में डाल दें I
  8. इसमें कुछ दिनों के बाद चीनी की मात्रा कम हो जाती है I इसलिए 8 – 10 दिन बाद फलों को फिर निकालकर चासनी को फिर पका लेना चाहिए I
  9. जब मुरब्बा ठण्डा हो जाय तो इसे सूखे अमृतबानमें भर दीजिए I यह ध्यान रहे कि आँवले चासनी में डूबे रहें I

कृपया ध्यान दें :-

साधन सुविधा ट्रस्ट आप सभी को प्रकृति में जीवन है की शिक्षा देते हुए आप को स्वाबलंबी बनाने का प्रयाश कर रहा है I मेरी आशा है की आप सभी के सहयोग से हमसभी स्वाबलंबन की उस परिभाषा को लिखने वाले है जिसे आज के समाज की जरुरत है I अपनी अच्छी जानकारी को अवश्य ही हमें बताने का कष्ट करें I

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